S.M.A.R.T goals for success/स्मार्ट लक्ष्यों से सफलता|

स्मार्ट लक्ष्यों की आवश्यकता है |

एक चौका देने वाला तथ्य जो University of Scranton  के शोद के मुताबिक दुनिया मैं 92% लोग लक्ष्य बनाने के बाद छोड़ दतें हैं|

सिर्फ 8% लोग ही हैं जो अपने बनाये हुए लक्ष्य मैं कामयाब होतें हैं | क्युकी यह  8% लोग अलग तरीके से अपना लक्ष्य बनाते हैं, कुशलता से लक्ष्य बनाने का एक आसन तरीका हैं और आप भी उस तरीके को जानते भी हैं बस अम्ल करना हैं ताकि आप भी उन 8% लोगों की तरहां आपना लक्ष्य बनाकर सफल बन सकते हैं |

SMART goals यानि

  • Specific विस्तार से  या विनिद्रिष्टि
  • Measurable मापने योग्य
  • Attainable प्राप्त करने योग्य
  • Relevant मिलताजुलता
  • time bound समय अवधि

SMART goals एक ऐसा तरीका हैं जिसके जरिये हमे अपने लक्ष्य को सटीकता से बना सकते हैं और हम अपने लक्ष्य को पूरी तरहा से प्राप्त कर सकते हैं |

Specific  विस्तार या विनिद्रिष्टि

आप अपना लक्ष्य बनाते समय यह ध्यान रखे कि आप का लक्ष्य स्पष्ट और सटीक हो |

आपका बनाया हुआ लक्ष्य आपको स्पष्ट (क्लियर) होना चाह़िऐ उसमे कोई भ्रम (confusion) नहीं होनी चाह़िऐ|

उद्धरण (example) के जरिये और स्पष्टता से समजते हैं

एक छात्र (स्टूडेंट) आपना लक्ष्य बनता हैं कि मुझे अच्छऐ अंक (मार्क्स) चाह़िऐ |

क्या यह लक्ष्य स्पष्ट हैं, नहीं हैं अब इस लक्ष्य को स्पष्ट करने के लिए आपको विषय (सब्जेक्ट) बताना होगा जैसे हिंदी, अंग्रजी गणित आब आपको क्या करना हैं कि नोट बुक लाकर आपना लक्ष्य स्पष्ट तरीके से लिखना है जैसे सब्जेक्ट

विषयअंक
हिंदी९९/१००
अंग्रजी९९/१००
गणित९९/१००

इस प्रकार आपको आपना लक्ष्य स्पष्ट तरीके से (clarification से) लिखना हैं

और  आप को रोज सोने से पहले और सुबह जागने के बाद आपनी लक्ष्य नोट बुक मैं लिखे लक्ष्य को पड़ना है

इस प्रकार से आप को आपना लक्ष्य स्पष्टता (क्लैरिटी से ) बनाना हैं

Measurable – मापने योग्य या मात्रा

अब आप ने आपना लक्ष्य स्पष्टता से लिख लिया इसके बाद आप को आपने लक्ष्य मैं सटीक मात्रा होना जरुरी हैं, या कोई तारिक (डेट ) होना जरुरी हैं या फिर कितने प्रतिशत के रूप मैं हो वर्ना आप कैसे जानेंगे कि आप सफल हुए हैं |

जब आपके  लक्ष्य मैं निर्धारित मात्र होगी, तभी आप जानेगे कि आप सफल हुए हैं |

 उद्धरण से समजते हैं यदि आप आपने खर्चे कम करना चाहते हैं और आप हर महीने मैं  १ प्रतिशत खर्चा कम कर रहे हैं और एक साल मैं १२ प्रतिशत खर्चा कम कर चुके हैं तो इस सफलता को हासिल करने के बाद आप तभी प्रोत्साहित होंगे जब आपको पता होगा कि आपने निर्धारित लक्ष्य कितना प्रतिशत रखा था |

यदि आपका लक्ष्य केवल “खर्चों को कम करना हैं ” के रूप में परिभाषित किया हैं

यह आप कैसे जानेंगे कि आप सफल हुए हैं

इसलिए आप को आपने लक्ष्य मैं स्पष्टता के साथ एक उचित मात्रा भी परिभाषित करनी हैं |

Attainable / achievable – प्राप्त करने योग्य

आप एक ऐसा लक्ष्य या गोल्स रखे जो चुनोती पूर्ण हो और थोड़े प्रयास से,  आसानी से प्राप्त करने योग्य हो |

 या ऐसा लक्ष्य जिसे आप आसानी से प्राप्त कर सकते हों | इससे यह  होगा कि, आप आसानी से लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे और आपका मनोबल बढेगा, आपको प्रोत्सहन मिलेगा और आप नय लक्ष्यों की  प्राप्ति के लिए  motivate हो जायंगे |

परन्तु इसके विपरीत जब आप अपने लिए एक ऐसा लक्ष्य रखते हैं जिसको अचीव करना मुश्किल हैं तो आप demotivate हो सकते हैं |

तो कोशिश यह करैं कि आप ऐसे लक्ष्य रखे जो प्राप्त करने योग्य हो achievable हो  |

आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपके द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करना संभव है।

 यदि आप एक ऐसा लक्ष्य निर्धारित करते हैं, जिसे प्राप्त करने की आपको कोई उम्मीद नहीं है, तो आप केवल खुद के मनोबल को खुद ही गिरा रहें हैं और आप खुद ही अपने आत्मविश्वास को खत्म कर रहे हैं ।

एक ऐसे लक्ष्य को पूरा करे, जिसके लिए आपको कड़ी मेहनत नहीं करनी पड़े, और आपके लक्ष्य से मिलताजुलता हो |

उदाहरण

आप अपने Collage मैं GROUP DISCUSSION मैं भाग लें और क्युकि यह चौनातिपूर्ण हैं और इससे आप अपने skills को बेहतर कर सकते हैं |

तो इस प्रकार के चौनातिपूर्ण attainable या प्राप्त करने यौग्ये लक्ष्य रखे जिससे आपका मनोबल भी बढेगा और आपके skills भी बेहतर होंगे |

उम्मीद हैं आपको Attainable / achievable – प्राप्त करने योग्य

समझ मैं आ गया होगा|

RELEVANT GOALS/ मिलता जुलता लक्ष्य

आपके द्वारा निर्धारित किया हुआ लक्ष्य मूल लक्ष्य से मिलता जुलता होना चाइये |

आपको अपने मूल लक्ष्य में clarity (स्पष्टता) होनी चाइये, ताकि आप के द्वारा बनाये गए छोटे छोटे लक्ष्य मूल लक्ष्य से मिलता जुलता हो |

उद्धरण : आप Finance Manager बनाना चाटे हैं | यह आपका मूल लक्ष्य हैं, तो आप के छोटे लक्ष्य और मिलता जुलता लक्ष्य होगा graduation मैं commerce,और उसके बाद MBA-Finance, के बाद C.A. जैसे करना ताकि आप अपना मूल लक्ष्य प्राप्त कर सके |

उपरोक्त उद्धरण मैं स्पष्टता (clarity), मापने योग्य (measurable), प्राप्त करने योग्य (attainable) और मिलता जुलता (relevant) goal हैं |

Time Bound/ समय-सीमा

आप के बनाय लक्ष्य को समय अवधि जरुर दे | 

अगर goals की समय सीमा नहीं होगी तो आप को कैसे पता चलेगा कि आप सही समय से सफल हो गए हैं |

समय अवधि रखने का एक और फ़ायदा यह भी है कि आप के अंदर competitiveness की भावना आने से आप अपने निर्धारित लक्ष्य को समय अवधि से पहले भी achieve कर सकते हैं |

Conclude / निष्कर्ष निकालना

लक्ष्य बनाने का मूल कारण यह भी है कि आप आपने आप को discipline औंर focus के साथ अपने बनाये लक्ष्य को achieve कर सके |

आप अपने लक्ष्य को एक नोट बुक या डायरी मैं अवश्य लिखे और उसे रोज पड़े ताकि आप का मानसिक concentration / focus लिखे हुए लक्ष्य पर बना रहे |